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अपना मालिक खुद बनिये

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जरूरी नहीं कि आप मजदूर पैदा हुए तो मजदूर बनकर की जिंदगी गुजारें..

कोरोना ने इस पूरे समाज को आईना दिखा दिया है। फैक्ट्री मालिकों की गंदी सकल आप सबको दिख गया कि हम मजदूर दिन रात मेहनत करके उन फैक्ट्री मालिकों की जेब भरते हैं बदले में वो बस आपको जिवित रहने लायक ही पारिश्रमिक देते हैं।

पूंजीपतियों का खेल आप सभी मजदूर भाइयों को समझना होगा। और अब जरूरत है कि एक बार आप इसपर नए सिरे से विचार करें। अपनी हुनर को पहचाने और अब मजदूर नहीं अब खुद एक फैक्ट्री मालिक बनने की सोंचे।

मानते हैं कि फैक्ट्री मालिक बनने के लिए एक बड़ी पूंजी की जरूरत होती है। लेकिन जरूरी ये भी तो नहीं कि एक बार में बड़ी फैक्ट्री ही डाली जाए।

ऐसे कई मिशाल है जो बड़े सपने को भी अपनी कड़ी मेहनत और लगन से हकीकत में बदल कर दुनिया को दातों तले उंगलिया दबाने को मजबूर कर दिया। आइए हम आपको बिहार के रहने वाले एक मजदूर भाई श्री मोहन सोनकर के बारे में बताते हैं। मोहन जी सन् 1995 मे मजदूरी की तलाश में कलकत्ता गए थे। सालो साल कड़ी मेहनत और कड़ी मजदूरी करने के बाद भी उनके एक रुपये भी बचत नहीं थी। कारण था उनका बड़ा परिवार। मजदूरी करने वाले एक और खाने वाले 13 लोग। भला मोहन जी क्या कर पाते। मोहन जी बताते हैं कि एक दिन ऐसे ही वह मछलियों के बाजार में बैठे अपनी किस्मत पर पछता रहे थे। इतने में उन्होंने एक फेरी वाले को कहते सुना कि शुद्ध मसाले ले लो।

उस फेरी वाले के चिल्लाते ही उसके आसपास भीड़ इकट्टा हो गयी और देखते ही देखते उसके सारे मसाले के पैकेट बिक गए। फिर क्या था इस बिहारी का माथा ठनका। और उसने शुरु किया अपना खेल। वह कड़ी मेहनत करके 1000 रुपये जमा किया उन पैसों से वह एक पुरानी सायकिल और कुछ मसाले ले आया। उन मशालों को वह पीसकर छोटा छोटा पैकेट बनाया और निकल पड़ा बेचने। धीरे धीरे उसने कुछ नजदीकी मुहल्लों मे अपनी पैठ बना ली। आज वही मोहन बाबू बंगाल के जाने माने सेठ हैं। उन्होंने ना सिर्फ अपने नाम के आगे से मजदूर शब्द को हटाया बल्कि आज वह हज़ारों लोगों को रोजगार भी मुहैया कराते हैं।

यह कहानी आप से साँझा करने का केवल हमारा यह उद्देश्य था कि आप भी मोहन बाबू बन सकते हैं। बस जरूरी है आपने जेहन में एक जुनून पैदा करने की।

यह सच है कि हमे एक नॉर्मल जिंदगी जीने की आदत बन गयी है। जिसकी वजह से हम कुछ अच्छा सोच ही नहीं पाते। आपको अपने आसपास ही रोजगार को खुद से तलाशना होगा। अपने आसपास देखिए कि कौन कौन से बिजनेस आइडिया है जिनको आप थोड़ी सी मेहनत करके सफलता हासिल कर सकते हैं।

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