वाराणसी।
जिले के लोहता थाना क्षेत्र अंतर्गत कोरौता गांव में सरकारी जमीन पर निर्माण को लेकर उपजे विवाद ने रविवार को तूल पकड़ लिया। पुलिस द्वारा ग्राम प्रधान को हिरासत में लिए जाने से नाराज ग्रामीणों के साथ समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने थाने के सामने वाराणसी–भदोही राजमार्ग पर करीब दो घंटे तक चक्काजाम किया। प्रधान को निजी मुचलके पर रिहा किए जाने के बाद दोपहर करीब 12 बजे जाम समाप्त हुआ।
जानकारी के अनुसार, कोरौता गांव की आराजी संख्या 1438, रकबा लगभग 1.5 बिस्वा भूमि नवीन परती के रूप में सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। इस भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर युवा समिति, कोरौता द्वारा बुद्ध बिहार पार्क के निर्माण के लिए एक जनवरी को भूमि पूजन प्रस्तावित था। इसको लेकर गांव की अन्य जातियों में विरोध सामने आया था। संभावित तनाव को देखते हुए पुलिस ने पहले ही ग्राम प्रधान दिनेश पटेल सहित कई लोगों को पाबंद किया था और मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया था।
शनिवार देर रात करीब 11 बजे ग्राम प्रधान दिनेश पटेल मौके पर पहुंचे और भूमि पूजन की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस द्वारा मना किए जाने के बावजूद जब वे नहीं माने, तो स्थिति बिगड़ने से बचाने के लिए पुलिस ने प्रधान सहित पांच लोगों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक राजबहादुर मौर्य के अनुसार, सभी के खिलाफ 170 बीएनएसएस के तहत चालान किया गया, जबकि ग्राम प्रधान की स्कॉर्पियो गाड़ी भी सीज कर दी गई।
रविवार सुबह ग्राम प्रधान की हिरासत की खबर फैलते ही ग्रामीणों के साथ सपा और भाजपा के कार्यकर्ता लोहता थाने पहुंच गए और सुबह करीब 10 बजे वाराणसी–भदोही मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए प्रधान की रिहाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाने-बुझाने के बाद तथा प्रधान को निजी मुचलके पर रिहा किए जाने के बाद दोपहर करीब 12 बजे धरना समाप्त हुआ।
इस पूरे मामले में एसीपी रोहनिया संजीव शर्मा ने बताया कि ग्राम प्रधान को पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि उक्त सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का कार्य न कराया जाए। इसके बावजूद वे जबरन भूमि पूजन के लिए पहुंचे, जिसके चलते पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
धरने के दौरान मौजूद कुछ भाजपा नेताओं ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि ग्राम प्रधान सपा से जुड़े होने के बावजूद उनके समर्थन में भाजपा कार्यकर्ता भी धरने पर बैठे।
ग्राम प्रधान दिनेश पटेल ने पुलिस को लिखित आश्वासन दिया है कि भविष्य में उक्त भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण या कार्य नहीं कराया जाएगा। धरने में प्रवेश पटेल, आनंद पटेल, सर्वेश पटेल, धीरज साहू, प्रमोद पटेल, विक्रम पटेल, ओपी पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और राजनीतिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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