देश की ग्रामीण जनता को साहूकारों के चंगुल से मुक्त कराने के उद्देश्य से 2 अक्टूबर 1975 को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की स्थापना की गई थी। इन पचास वर्षों में इन बैंकों ने न केवल अपनी सशक्त पहचान बनाई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई है। आज ये बैंक सिर्फ वित्तीय संस्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण समाज के भरोसे का केंद्र बन चुके हैं।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में कार्यरत उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की वाराणसी जिले की सारंग तालाब शाखा एक बार फिर मानवता और संवेदनशीलता का उदाहरण बनकर सामने आई है। यहां प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत मृतक रामबिलास की पत्नी आरती देवी को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई।
पति के असमय निधन के बाद आर्थिक संकट से जूझ रही आरती देवी के लिए यह सहायता किसी संजीवनी से कम नहीं थी। राशि प्राप्त करते समय वह भावुक हो गईं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्हें इस बीमा योजना के बारे में उनको कोई जानकारी नहीं थी। उनके अनुसार, “इस योजना से जुड़ने की जानकारी केवल मेरे पति को थी, लेकिन उनके निधन के बाद बैंक के शाखा प्रबंधक श्री अनूप श्रीवास्तव और शाखा के सभी स्टाफ नें ख़ुद से पहल करते हुए हमें यह सहायता राशि दिलाने में पूरा सहयोग किया।”
इस दौरान मीडिया से बातचीत करते समय शाखा में कार्यरत श्री अम्बरीश राय जी, जो कि उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक वर्कर्स ऑर्गेनाइजेशन के महामंत्री भी हैं, उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना केंद्र सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य कम प्रीमियम में अधिकतम सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के सभी ग्राहकों से अपील की कि वे इस योजना का लाभ अवश्य लें और अपने परिवार को सुरक्षित करें।
उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत 18 से 50 वर्ष तक का कोई भी व्यक्ति मात्र ₹436 वार्षिक प्रीमियम देकर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर प्राप्त कर सकता है। यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी है, जिनकी आय सीमित है और जो किसी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में अपने परिवार को आर्थिक सुरक्षा देना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा चलायी गई इस प्रकार की लोक कल्याणकारी योजनाएं तभी प्रभावी होती हैं, जब लोगों में इनके प्रति जागरूकता हो। इसलिए हमारा बैंक समय-समय पर ग्राहकों को बीमा, अटल पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाता रहता है।
यह घटना न केवल एक परिवार को मिली आर्थिक सहायता की कहानी है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि अगर बैंक और ग्राहक के बीच विश्वास और संवेदनशीलता का रिश्ता हो, तो सरकारी योजनाएं वास्तव में लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी पहलें यह दर्शाती हैं कि ग्रामीण बैंक अपने मूल उद्देश्य—आपकी उन्नति हमारा लक्ष्य—को पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं।

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