संतकबीर नगर, 20 अगस्त 2025।
जिले के विकास भवन में बुधवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार ने औचक निरीक्षण कर सरकारी कार्यप्रणाली की हकीकत उजागर कर दी। निरीक्षण के दौरान कुल 33 कर्मचारी और अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर डीएम ने तत्काल कड़ी कार्रवाई करते हुए सभी का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
औचक निरीक्षण में खुली पोल
सुबह करीब साढ़े दस बजे डीएम विकास भवन पहुंचे। उन्होंने क्रमवार विभिन्न अनुभागों और कार्यालयों का जायजा लिया। इस दौरान पाया गया कि सांख्यिकी विभाग, बचत विभाग, पंचायत राज, कृषि, समाज कल्याण, मत्स्य विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण और कौशल विकास मिशन के कई कर्मचारी ड्यूटी से नदारद थे।
अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों में –
- अजय कुमार श्रीवास्तव (जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी)
- शिव कुमार पांडेय (अपर सांख्यिकीय अधिकारी)
- मनोज कुमार मिश्र (सहायक सांख्यिकीय अधिकारी)
- सत्य प्रकाश (सांख्यिकीय अधिकारी)
- उग्रसेन प्रताप सिंह (अपर जिला बचत अधिकारी)
इसी प्रकार, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, सहकारिता, पंचायत राज और समाज कल्याण कार्यालयों के कई कर्मचारी भी नदारद मिले।
डीएम का सख्त रुख
निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की अनुपस्थिति और कार्यालय परिसर की गंदगी देखकर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि:
“सरकारी कामकाज में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी। अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों का वेतन रोका जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई होगी।”
उन्होंने भवन की बदहाल स्थिति को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। चार दिन के भीतर भवन की पेंटिंग का अनुमान (estimate) बनाकर प्रस्तुत करने और पूरे परिसर में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए भी आदेश जारी किए।
जनता की प्रतिक्रिया
निरीक्षण की खबर फैलते ही आम नागरिकों ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया। स्थानीय निवासी रमेश चौधरी ने कहा,
“सरकारी दफ्तरों में अक्सर कर्मचारी समय से नहीं आते। डीएम की कार्रवाई से अब अनुशासन बढ़ेगा।”
वहीं, समाजसेवी सुनीता वर्मा ने कहा कि यदि ऐसे औचक निरीक्षण नियमित होते रहें तो जनता की समस्याओं का निस्तारण समय पर होगा।
आगे की राह
जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में अन्य विभागों और कार्यालयों का भी इसी तरह औचक निरीक्षण किया जाएगा। डीएम ने साफ कर दिया कि “जवाबदेही तय होगी और लापरवाह कर्मचारी बख्शे नहीं जाएंगे।

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