कोरोना महामारी को दुनिया भर मे फैलाने के बाद चीन एक नया हथियार अपना लिया है। चीन अपने यहां से डाक के माध्यम से कई देशों मे लोगों के घरों तक बीज से भरा रहस्यमय पैकेट भेज रहा है जिसमें तरह-तरह के बीज भरे रहते हैं।

कृषि मंत्रालय का कहना है कि चीन दूसरे देशों की जैव विविधता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकता है। इस साल की शुरुआत से ही चीन तरह-तरह के नए-नए संकट दुनिया में फैला रहा है। अब चीन अलग तरीके से कुछ नया करने की कोशिश कर रहा है।

बताते चलें की बीज भरे पैकेट भेजने के पीछे चीन की मसां साफ नहीं हो पा रही है कि आखिर चीन चाहता क्या है। आखिर बिना मंगाए लोगों के घरों को चीन बीज के पैकेट क्यों भेज रहा है।

भारत के लिए अच्छी खबर यह है कि भारत में अभी तक कोई ऐसा पैकेट नहीं आया है। लेकिन फिर भी भारत का कृषि मंत्रालय इस चीज को लेकर पहले से ही सतर्क है। कृषि मंत्रालय का कहना है कि अगर कोई ऐसा पैकेट आपके घर पहुंचे जिस पर भेजने वाले के रूप में चीन का पता हो तो आप उस पैकेट को बिना खोलें नष्ट कर दें। पिछले हफ्ते कृषि मंत्रालय ने यह चेतावनी जारी की थी। जिसमें फसलों से जुड़ी सभी संस्थाओं को सतर्क रहने की हिदायत दी गई थी। गौरतलब है कि अमेरिका ब्रिटेन कनाडा जापान न्यूजीलैंड जैसे कई यूरोपीय देशों के नागरिकों के पास चीन से ऐसे कई पैकेट रिसीव हुए हैं।

अगर चीन की बात करें तो चीन अपनी तरफ से लगातार सफाई पेश कर रहा है और चीनी सरकार कह रही है कि इन बीज के पैकेटों से चीन सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। चीनी सरकार का कहना है कि चीन में तो डाक से बीज के पैकेट भेजने पर रोक है। चीनी सरकार का कहना है इन पैकेटों के ऊपर जो चीनी एड्रेस दिए गए हैं वह फर्जी हैं और कोई चीन को फंसाने की साजिश कर रहा है।

लेकिन फिर भी हम भारतीयों को पहले से ही सतर्क रहने की जरूरत है। कोई भी ऐसा सामान जो आपने नहीं मंगाया है अगर बिन मंगाए आपके घर पर पहुंचता है और उस पर चीन या किसी और देश के एड्रेस हैं तो आप कोशिश करें कि उसे रिसीव ही ना करें और अगर रिसीव कर भी लें तो उसे बिना खोले नष्ट करने की कोशिश करें। और इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं ताकि आपके साथ-साथ आपके चाहने वाले भी सुरक्षित रह सकें।

                                                        Get Online 

Leave a Reply

Designed with WordPress

Discover more from ŦH€ अखंड भारत

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading